1082> होली आई है तो खुशियां लाई। ||*+(1)

1082/1> होली आई है तो खुशियां लाई। ||

2> काल 14/03/2025 होलीकी दिन इन चार निर्देश पालन कीजिये । जोरुर  जोरुर जोरुर।==========================


1>होली आई है तो खुशियां लाई। ||*+(1)


होली अर्थात वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।

इस उत्सब बुराई पर अच्छाई की विजय की प्रतीक हैं।

होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंगों से रंगते हैं, खुशीसे मिठाइयां खाते हैं और पुराने गिले-शिकवे भूलकर भाईचारे और प्रेम का संदेश फैलाते हैं. यह त्योहार  समाज में एकता को बढ़ावा देता है, हर दिल में खुशी और उत्साह का संचार करता है.

"आयुर्धनं शुभ्रयशोवितानं

 निरामयं जीवनसंविधानम्।

समागतो होलिकोत्सवोऽयं

ददातु ते मांगलिकं विधानम्॥"

भावार्थ :- इस होली के त्योहार पर आपको लंबी आयु, धन-वैभव, निर्मल यश, निरोगी जीवन और सम्मान मिले। यह होली आपको मंगलमय अधिष्ठान प्रदान करे। 

जीवनमे सर्वदा हर हाल में खुशी रहनाही श्रेष्ठ ओषध हैं, जिससे जीवन सुंदर व सतेज रहते हैं। इस खुशियां होली उत्सबसे ही प्रारम्भ होते हैं।

होली पर आप को सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।

<---आद्यनाथ राय चौधुरी--->

  13/03/2025::;06:15 am

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2> काल 14/03/2025 होलीकी दिन

इन चार निर्देश पालन कीजिये ।

  जोरुर  जोरुर जोरुर।

1>होलीकी दिन सबेरे पूजा कोरनेकेबाद

तुलशीजी की भी पूजा कीजिये धूप दीप देकर।

फिर तुलशी जिकी मंजर थोड़ासा तोड़कर लाल कपड़ा में बांध कर पर्समें रखिये सोर्बोदा।

इसीसे सारे आर्थिक स्थिति सुधार होंगे।

2>होलीकी दिन सबेरे तुलशीजीकी पूजा कीजिये ऐब शुभ शाम दोन टाइम शुद्ध घी की प्रदीप ज्बालाईये एबं इस मंत्र पाठ कीजिये

"ॐ महालक्ष्मयै नमः

ॐ महालक्ष्मयै नमः

ॐ महालक्ष्मयै नमः

ॐ महालक्ष्मयै नमः

ॐ महालक्ष्मयै नमः"

3>आज होलीकी दिन तुलशीजी को गुड़ एबं जल दीजिये।

इसीसे पारिबारिक कलह दूर होंगे।

एबं सम्पोर्क अच्छे होंगे।

4>आज होलीकी दिन तुलशीजीकी थोड़ासा जड़ लेकर लाल कपड़ा में बांध कर घरमे सालभर सुरक्षित रखनेसे आर्तिक समश्या दूर होंगे। 

   <-----आद्यनाथ राय चौधुरी---->

          13/03/2025 रात्रि 08:00 pm

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