1029>|| সর্বসুন্দরই স্বর্গ ||+(1)
1029>|| সর্বসুন্দরই স্বর্গ ||
1029/2> || खुद से प्यार करो |
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1029>|| সর্বসুন্দরই স্বর্গ ||
<----আদ্যনাথ---->
যেথা সুন্দর সেথাই স্বর্গ
নিঃস্বার্থ সুন্দর মন আদরের যোগ্য।
সুন্দর ভাবনা দিতে পারে সুন্দর জীবন
তাইতো যেমন ভাবনা পাওয়াও তেমন।
নিজেকে ভালোবাসতে পারলেই
জগৎ কে ভালোবাসা যায়।
তবেই জীবন সুন্দর আদরণীয় হয়,
তখন সকল জীবকে ভালোবাসা যায়।
কোথায় স্বর্গ কোথায় নরক কে বলতে পারে,
স্বর্গ নরক উভই নিজের ভাবনার অন্তরে
মানুষের মন নিজেথেকেই স্বর্গকে নরক
ও নরক কে স্বর্গ বানিয়ে দিতে পারে।
মন আর ভাবনা জীবনকে গড়ে তোলে,
যেমন ভাবনা, জীবন তেমনি গড়ে ওঠে।
সুন্দর সকাল শুভ দিনের প্রতীক,
সুন্দর ভাবনাই জীবন গড়ে সঠিক।
<--আদ্যনাথ রায় চৌধুরী--->
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1029/2> || खुद से प्यार करो ||
<-----आद्यनाथ---->
यदि आप खुद से प्यार कर सकते हैं,
तो आप दुनिया से प्यार कर सकते हैं।
और इसी तरह जिंदगी खूबसूरत होते है,
और सभी प्राणियों से प्रेम हो जाते हैं।
कौन जाने स्वर्ग कहाँ है और नर्क कहाँ है,
स्वर्ग और नर्क दोनों ही व्यक्ति के विचारों के केंद्र में हैं।
मानव मस्तिष्क स्वयं ही स्वर्ग को नरक और नरक को स्वर्ग बना सकता है।
मन और विचार जीवन का निर्माण करते,
मन और विचार जीवन का निर्माण करते हैं।
विचार की अनुसार ही जीवन विकसित होते हैं,
एक खूबसूरत सुबह अच्छे दिन का प्रतीक है।
सुंदर विचार जीवन निर्माणकी श्रेष्ठ तरीका है,
सुंदर विचारोसे समाज मे प्रतिष्ठा प्राप्त होते हैं।
भरोसा बुलंद हो तो हकीकत बनते हैं,
भरोसा रखोतो जीवन बहुत शानदार हैं।
<----आद्यनाथ राय चौधुरी--->
01/02/2024 ::10:30pm
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