1006> || मुस्कुराहट ||
1006> || मुस्कुराहट ||
<---आद्यानाथ--->
मुस्कुराहट एक खुशिकी अनुभब
हँसते हैं हृदयसे,
चुप रहके भी बोलते हैं आँखोंसे,
बोलते नेही खिलते हैं आँखोंमें,
खुशी की अश्रु गीले होती हैं कपोल में।
मुस्कुराहट उठती हैं
जिन हृदय की अंदर से,
उन हृदय की मुस्कुराहट की खुशबू
फैलते हैं आनन्दके साथ हर हृदयमें।
मुस्कुराहट जिंदगीकी खुशी उपहार,
खुशी और मुस्कान जिन्दगीकी एक चम्तकार।
मुस्कान की जादू छुपाते हैं आंसू गम की,
दूरसे देखते हैं हम प्यारसे खुशी की।
हर एक मुस्कान खुशी नेही लाते,
मुस्कान कभी बोलते हैं कुछ बातें।
होना चाहिये मुस्कुराने की सभाब,
कभी न छुपाओ गम की अभाब।
हर एक मुस्कुराहट थोराही सहीं,
गम को छुपानेके लिये नही।
कुछ बात तो होती हैं
जो बोला नेही जाती।
मुस्कान, खुशी और गम,
हैं हर इंशान की हृदय की अंदर।
सच्चा मुस्कान होती हैं हुस्न का खजाना,
हजारो दुखमें भी मुस्कुराहट नही भूलना।
<--आद्यानाथ राय चौधरी--->
श्यामबिहार फेज2--6/2A
11/10/2023 ;;;9:01:12am
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